आर्यन के व्हाट्सएप चैट के खुलासे से रिया के केस तक, इन पांच वजहों से कोर्ट ने खारिज की आर्यन की जमानत याचिका

मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में जेल में बंद शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को एक बार फिर कोर्ट से निराशा ही हाथ लगी। बुधवार को आर्यन खान की जमानत याचिका को मुंबई सेशन कोर्ट ने खारिज कर दिया जिसके बाद से आर्यन ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मुंबई सेशन कोर्ट के जज वीवी पाटिल ने 18 पन्नों में दिए आदेश में ये कहा कि पहली नजर में देखने पर पता चलता है कि आर्यन खान के खिलाफ सबूत हैं।

इन पांच वजहों से खारिज हुई आर्यन की जमानत याचिका

दोपहर करीब 2:45 बजे जज वीवी पाटिल कोर्टरूम में पहुंचे और सिर्फ दो शब्दों में ऑपरेटिव ऑर्डर सुनाया। उन्होंने कहा- बेल रिजेक्टेड। इसके साथ ही आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

आर्यन की जमानत याचिका खारिज होने के पांच कारण ऐसे हैं जिससे पता चलता है कि कोर्ट ने आखिर क्यों शाहरुख के बेटे को रिहाई नहीं दी।कोर्ट ने आर्यन और अरबाज की दोस्ती पर भी सवाल उठाया।

कोर्ट ने कहा कि आर्यन और अरबाज काफी लंबे समय से दोस्त हैं और वो क्रूज पर एक साथ मौजूद थे। दोनों ने अपने बयानों में ड्रग्स लेने की बात भी कबूली है। इससे पता चलता है कि आर्यन को ड्रग्स की बात पता थी और उन्हें ये भी पता था कि अरबाज के जूतों में ड्रग्स है।

आर्यन के वकीलों ने अपनी दलील दी कि आर्यन के पास से ड्रग्स बरामद नहीं हुआ था और ना ही वो नशे में था। इस पर कोर्ट ने कहा कि भले ही आर्यन के पास से प्रतिबंधित पदार्थ नहीं मिला लेकिन आरोपी नंबर 2 यानि अरबाज के पास से 6 ग्राम चरस मिली थी इसलिए कहा जा सकता है कि दोनों को इस बारे में पता था।

जज वीवी पाटिल ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि व्हाट्सएप चैट से पता चलता है कि आरोपी नंबर 1 यानि आर्यन खान अज्ञात व्यक्तियों के साथ ड्रग्स को लेकर बात कर रहा था इसलिए पहली बार देखकर यही लगता है कि आवेदक और आरोपी नंबर 1 अज्ञात व्यक्तियों के साथ प्रतिबंधित नारकोटिक्स पदार्थ की डील करता था।

कोर्ट ने कहा व्हाट्सएप चैट से पता चलता है कि आरोपी नंबर 1 और ड्रग पेडलर्स के बीच साठगांठ  थी। आरोपी नंबर 2 के साथ भी उसके चैट हैं। इसके अलावा आरोपी नंबर 1 से 8 तक को गिरफ्तार किया गया और उनके पास कुछ मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ पाए गाए हैं।

एनसीबी को क्रूज पर रेव पार्टी की सूचना मिली थी। यहां तक कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ड्रग्स सप्लाई करने वालों लोगों के नाम खुलासा किया हैं। ये इस बात की ओर इशारा करता है कि आरोपी किसी आपराधिक साजिश में शामिल हैं।

इसके साथ ही कोर्ट में रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती का भी जिक्र किया गया। जज पाटिल ने पाया कि ये मामला शोविक से मिलता जुलता है। शोविक की एक व्हाट्सएप चैट से पता चला था।

कि वो ड्रग पैडलर के संपर्क में था। जज पाटिल ने कहा कि प्रथम दृष्टया से लगता है कि आरोपी एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। ऐसे में क्योंकि आरोपी साजिश का हिस्सा है इसलिए जो भी ड्रग्स जब्त  की गई इसके लिए वो भी जिम्मेदार है। हर आरोपी के मामले को एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता।

 

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