ड्वेन ब्रावो ने लिया इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास, धोनी के लिए कहि ये खास बात

वेस्टइंडीज के सुपरस्टार और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2021 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली चेन्नई सुपरकिंग्स का हिस्सा रहे ड्वेन ब्रावो ने पुष्टि की है कि वह आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के अंत में संन्यास ले लेंगे। अगस्त 2021 में वेस्टइंडीज टीम के कप्तान कीरोन पोलार्ड ने घोषणा की थी कि ब्रावो ने कैरेबियन में अपना अंतिम टी20 इंटरनेशनल मैच खेल लिया है।

इस बीच वेस्टइंडीज के एक और दिग्गज क्रिकेटर क्रिस गेल के भी टी20 वर्ल्ड कप 2021 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने की खबरें मिलीं। 4 नवंबर 2021 को श्रीलंका के खिलाफ मैच में क्रिस गेल, ड्वेन ब्रॉवो, आंद्रे रसेल और कीरोन पोलार्ड वेस्टइंडीज की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे।

इन चारों ने कुल 1917 टी20 मैच खेले हैं। खबरों में कहा गया है कि 4 में से 2 शायद इस टी20 इंटरनेशनल टूर्नामेंट के बाद नहीं खेलें। ब्रॉवो ने तो मैच के बाद अपने संन्यास का ऐलान कर दिया। गेल को लेकर अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

गुरुवार यानी 4 नवंबर 2021 को श्रीलंका के खिलाफ अपनी टीम की हार के बाद, मैच के बाद फेसबुक लाइव शो में पूर्व कप्तान डॉरेन सैमी और कमेंटेटर एलेक्स जॉर्डन के साथ बातचीत में ब्रावो ने अपने संन्यास लेने की पुष्टि की।

ड्वेन ब्रॉवो ने कहा, ‘मुझे लगता है कि समय आ गया है। मेरा करियर बहुत अच्छा रहा है। 18 साल तक वेस्टइंडीज का प्रतिनिधित्व करने के दौरान कुछ उतार-चढ़ाव आए।’

उन्होंने कहा, ‘हालांकि, जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो इतने लंबे समय तक इस क्षेत्र और कैरेबियाई लोगों का प्रतिनिधित्व करने देने के लिए मैं बहुत आभारी हूं। बाईं ओर बैठे मेरे कप्तान डॉरेन सैमी के साथ दो और आईसीसी की कुल ट्रॉफियां जीतने के लिए मैं बहुत आभारी हूं।’

उन्होंने कहा, ‘एक बात जिस पर मुझे गर्व है, वह यह है कि क्रिकेटर्स के युग में हम वैश्विक मंच पर अपना नाम बनाने में सक्षम रहे। हमने न केवल ऐसा किया, बल्कि इसके परिणामस्वरूप ऐसा प्रदर्शन करने में भी सफल रहे।

दो बार की टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम के हिस्सा रहे ड्वेन ब्रॉवो ने कैरेबियाई टीम के लिए 90 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इसमें उन्होंने 78 विकेट लिए हैं और 1000 से अधिक रन बनाए हैं। सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर ने 2004 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था।

उन्होंने अपने करियर में कुल 293 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। पूरे करियर में ब्रॉवो की पहचान एक टी20 ट्रेंड-सेटर के रूप में रही। ब्रॉवो स्लोवर बॉल के साथ इस फॉर्मेट के बेहतरीन प्रतिनिधियों में से एक रहे हैं। उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों के साथ डेथ ओवर्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

साल 2012 में, ब्रॉवो ही वह खिलाड़ी थे, जिनके कैच लेने के बाद वेस्टइंडीज ने पहली बार टी20 विश्व कप जीता। साल 2016 में वेस्टइंडीज ने जब दूसरी बार टूर्नामेंट की ट्रॉफी उठाई तब भी वह टीम का हिस्सा थे।

18 साल का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव रखने वाले ब्रॉवो ने सीमित ओवर क्रिकेट में वेस्टइंडीज की भविष्य की संभावनाओं के बारे में बात की। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास जो भी अनुभव और जानकारी है, अब मैं उसे युवा खिलाड़ियों के साथ साझा करना चाहता हूं।

ब्रॉवो ने कहा, ‘मैं युवाओं के बीच अपना अनुभव बांटना चाहता हूं। मुझे लगता है कि सफेद गेंद के प्रारूप में वेस्टइंडीज क्रिकेट का भविष्य उज्ज्वल है। हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम लोगों का समर्थन करते रहें और उन्हें प्रोत्साहित करते रहें।’

Leave a Reply

Your email address will not be published.