फुरकान शोएब ने बनाई एशिया की पहली हाईब्रिड फ्लाइंग कार जमकर हो रही तारीफ देखें VIDEO

भारत के लिए बहुत ही गर्व और खुशी की बात है कि हाल ही में भारत की एक स्टार्टअप कंपनी विनाटा एयरोमोबिलिटी ने हाइब्रिड फ्लाइंग कार तैयार की है. कंपनी सुर्खियों में तब आई जब कंपनी की एक टीम ने हाल ही में अपनी हाइब्रिड फ्लाइंग कार का प्रोटोटाइप केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिखाया.

इस मुलाकात के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस बात की जानकारी देते हुए अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि, “विनाटा एयरोमोबिलिटी की युवा टीम द्वारा जल्द ही बनने वाली एशिया की पहली हाइब्रिड फ्लाइंग कार के कॉन्सेप्ट मॉडल से परिचित होने की खुशी है.

इसके शुरू होने के बाद, उड़ने वाली कारों का उपयोग लोगों और कार्गो के परिवहन के साथ-साथ चिकित्सा आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए किया जाएगा. टीम को मेरी शुभकामनाएं.” #DroneRevolutionBegins।

ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा 20 सितंबर को किए गए इस ट्वीट के बाद फ्लाइंग कार की ख़बर देश के सभी बड़े अख़बार और न्यूज़ चैनलों पर दिखाई गई लेकिन कहीं भी इसको बनाने वाले इंजीनियर के बारे में कोई जानकारी या क्रेडिट नहीं दिया गया।

यह तो पता नहीं चल पाया कि भारतीय मीडिया ने ऐसा गलती से किया या जानबूझकर लेकिन जब हमनें ने इस बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि इस फ्लाइंग कार को बनाने वाले इंजीनियर का नाम मोहम्मद फुरकान शोएब है.

फुरकान शोएब उत्तर प्रदेश के कन्नौज के रहने वाले हैं और विनाटा एयरो मोबिलिटी कंपनी में चीफ़ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं.फुरकान शोएब के बारे में कंपनी की वेबसाइट पर लिखा है.

कि वो कंपनी में चीफ़ टेक्नोलॉजी ऑफिसर है, एक भारतीय अविष्कारक है, एयरोनॉटिकल इंजीनियर हैं और साथ ही सर्टिफाइड (प्रमाणित) यूएवी पायलट भी है.

इसके अलावा वो एयरोस्पेस डिजाइन और यूएवी इंजीनियरिंग में विशेषज्ञ है. उन्हें एडवांस्ड एयर क्राफ्ट और यूएवी बनाने का जुनून है. उन्हें यूएवी और एयर क्राफ्ट के रिसर्च और डेवलपमेंट का भी अनुभव है.

कंपनी की वेबसाइट देखने पर पता चला कि मोहम्मद फुरकान ही एक मात्र एरोनॉटिकल इंजिनियर है जो कंपनी से जुड़े हुए हैं.फुरकान ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्वीट पर जवाब देते हुए भी लिखा है.

कि हमारा समर्थन करने के लिए आपका धन्यवाद और मुझे मेरे इस वंडरफुल आइडिया को साझा करने का अवसर देने के लिए विनाटा एयरोमोबिलिटी का भी धन्यवाद. मुझे उम्मीद है कि हम सुरक्षित, आर्थिक, कम उत्सर्जन वाले हवाई परिवहन का निर्माण करेंगे.

अमेरिकन न्यूज़ पोर्टल फ्यूचर फ्लाइट में 19 अगस्त को लिखे एक आर्टिकल में भी इस फ्लाईंग कार को बनाने का क्रेडिट मोहम्मद फुरकान को ही दिया गया है. पता नहीं क्यों भारतीय मीडिया मोहम्मद फुरकान को उनके इस आविष्कार का श्रेय देने में कंजूसी कर रहा है. कहीं यह उनके मुस्लिम होने की वजह से तो नहीं है?

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