कौन हैं आर्यन खान के नए वकील मुकुल रोहतगी जो रह चुके हैं अटॉर्नी जनरल, कितनी फी’स लेते हैं?

क्रू,ज ड्रग्‍,स मामले में किंग खान शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को जमानत मिल गई है। दिलचस्‍प बात यह है कि हाई कोर्ट में पूर्व अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने आर्यन खान की पैरवी की। जस्‍ट‍िस नितिन साम्‍ब्रे की कोर्ट में मुकुल रोहतगी के साथ वकील सतीश मानश‍िंदे और अमित देसाई भी मौजूद रहे।

कौन हैं मुकुल रोहतगी?
मुकुल रोहतगी की गिनती देश के जाने माने दिग्गज वकीलों में होती है. वे भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल रह चुके हैं. मुकुल के पिता अवध बिहारी रोहतगी ने दिल्‍ली हाईकोर्ट के जज के रूप में सेवा दी थी. मुकुल ने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कालेज से कानून की पढ़ाई की है. उनको 19 जून 2014 को देश का 14वां अटार्नी जनरल बनाया गया था. 18 जून 2017 तक वे इस पद पर रहे. वर्तमान में मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्‍ठ अधिवक्ता हैं.

ऐसे हुई करियर की शुरुआत:_लॉ की डिग्री लेने के बाद वे उस समय के मशहूर वकील योगेश कुमार सभरवाल के साथ असिस्ट कर के यानी उनके जूनियर के तौर पर करियर की शुरुआत की. 2005-2007 के दौरान योगेश कुमार सभरवाल देश के 36वें मुख्य न्यायाधीश भी रहे हैं. मुकुल रोहतगी ने अपनी प्रैक्टिस जारी रखी और 1993 में उन्हें दिल्‍ली हाईकोर्ट ने सीनियर काउंसिल का दर्जा दिया. वर्ष 1999 में रोहतगी एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (Additional Solicitor General of India) बन गए.

गुजरात दं*गा समेत इन चर्चित मामलों में ल”ड़ा के’स:_2002 में हुए गुजरात दं*गों के मामले में मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में गुजरात सरकार का पक्ष रखा था और बचाव किया था. वहीं फ*र्जी एन*काउंटर मामले में भी रोहतगी ने को’र्ट में राज्‍य सरकार की पैरवी की थी. कुछ अन्य चर्चित मामलों में बेस्‍ट बेकरी के’स, जाहिरा शेख मामला, योगेश गौड़ा म*र्डर केस वगैरह हैं, जिनमें वे सुप्रीम कोर्ट में के’स ल’ड़ चुके हैं.

कितनी लेते हैं फी’स?
मुकुल रोहतगी की फी’स के बारे में निश्चित तो नहीं कहा जा सकता. के’स की गंभीरता को देखते हुए यह उनके विशेषाधिकार के तहरत आता है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जाता है कि वे एक सुनवाई (Hearing) के लिए करीब 10 ला’ख रु”प’ये फी”स लेते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने एक RTI में दिए जवाब में बताया था कि सीनियर काउंसिल मुकुल रोहतगी को महाराष्ट्र सरकार की तरफ से जस्टिस बीएच लोया के”स के लिए फी”स के तौर पर 1.21 क”रोड़ रु”पये दिए थे.

एनसीबी को बताया ‘शु”तु”रमुर्ग’
मुकुल रोहतगी ने पिछले दिनों आर्यन खान का समर्थन करते हुए एनसीबी की कार्रवाई को अ”वैध बताया था. सेशंस कोर्ट में उनका बेल पिटिशन नामंजूर होने से पहले उन्होंने कहा था कि आर्यन को जे”ल में रखने का कोई उचित कारण नहीं है. उन्होंने तो यहां तक कहा था कि एनसीबी एक ‘शु”तु”रमुर्ग’ की तरह है, जिसने अपना सिर रेत में छुपाया हुआ है. आर्यन को एक सेलिब्रिटी के बेटे होने की कीमत चुकानी पड़ रही है. मंगलवार को हाई को”र्ट में भी उन्होंने आर्यन खान की गि”रफ्तारी को अवैध बताया और इस कार्रवाई पर एनसीबी को क”ठ”घरे में खड़ा किया है.

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