जानिए निकहत ज़रीन के जिंदगी की पूरी हकीकत, जिसने मुक्केबाज़ी में गोल्ड मेडल हासिल कर पूरी दुनिया में भारत का नाम किया रोशन!

मुस्लिम महिलाओं को लेकर लोगों में आम धारणा बनी हुई है कि मुस्लिम महिलाओं का एक दायरा सीमित है लेकिन निखत जरीन जैसी मुस्लिम महिला ने साबित कर दिया कि अगर सही संसाधन,कड़ी परिश्रम, सही गाइड लाइन मिले तो सफलता कहीं भी हासिल की जा सकती है।निखत जरीन ने महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन कर दिया।

भारत के लिए मुख्य बाजी में खेल रही निखत जरीन ने इस्तांबुल में खेली जा रही महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में थाईलैंड के मुक्केबाज जूता मस्जिद पांव के खिलाफ 5-0 से एकतरफा जीत हासिल की है और इस जीत के साथ उसने स्वर्ण पदक हासिल कर भारत का नाम रौशन किया।

विश्व विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल करने वाली निखत जरीन खन तेलंगाना की निजामाबाद में 14 जून 1996 में हुआ माता परवीन सुल्ताना और पिता मोहम्मद जमील के घर में जन्मी इस भारतीय स्टार खिलाड़ी ने 13 साल की उम्र में बॉक्सिंग के गिलास को अपने हाथों में बांधा था निखत जरीन भारतीय मुक्केबाज की लीजेंड एमसी मैरीकॉम को अपना आदर्श मानती रहे हैं मैरी कॉम को निखत ने अपना आदर्श माना और कड़ी मेहनत और लगन में जुटी रहे मैरी कॉम के खेल से प्रेरणा लेने वाली इस मुक्केबाज निखत जरीन भारत को विश्व मुक्केबाजी महिला चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल दिलाया जो कि बड़े ही गर्व की बात है।

निखत की उपलब्धियों की बात करें तो आपको बता दें किस साल 2010 में निखत ने अपना पहला गोल्ड मेडल नेशनल सब जूनियर मीट में जीता था।उसके बाद तुर्की में साल 2011 में महिला जूनियर और यूथ वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में फ्लाइवेट में निखत ने पहली बार देश के लिए किसी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीता.साल 2011 के 15 साल की उम्र में इस मुक्केबाज ने एआईबीए महिला युवा और जूनियर विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया।

निखत जरीन अपने करियर के सफर में यही नहीं रुके साल 2013 में बुल्गारिया के खिलाफ निखत ने एक बार फिर मुख्य बाजी में अपना जौहर दिखाया और महिला जूनियर और युवा विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता था।वर्ष 2014 में निखत ने 51 किलो वर्ग में सर्बिया में आयोजित तीसरे नेशन्स कप इंटरनेशनल मुक्केबाजी टूर्नामेंट में गोल्ड अपने नाम किया. बाद में थाइलैंड ओपन इंटरनेशनल में सिल्वर मेडल भारत की झोली में डाला.साल 2019 में बैंकाक में आयोजित थाइलैंड ओपन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया.

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