सबसे बेहतरीन सांसद चुने गए असदुद्दीन ओवैसी! हर साल सबसे सर्वश्रेष्ठ सांसदों को मिलता है संसदीय पुरस्कार!

पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार की अध्यक्षता वाली एक जूरी ने लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन को वर्ष के सर्वश्रेष्ठ सांसद के तौर पर चुना है।एक विज्ञप्ति में मंगलवार को बताया गया कि समाचार समूह ‘लोकमत’ द्वारा दिए जाने वाले संसदीय पुरस्कारों के चौथे संस्करण के लिए अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ओवैसी तथा तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ओब्रायन चुने गए हैं

इन के अलावा, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ए.के. एटंनी, बीजद से लोकसभा सदस्य भर्तृहरि महताब, कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य वंदना चव्हाण और भाजपा के लोकसभा सदस्यों-तेजस्वी सूर्या और लॉकेट चटर्जी समेत आठ सांसदों का चयन किया गया है।
विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रतिष्ठित लोकमत संसदीय पुरस्कार हर साल आठ सांसदों को अलग-अलग श्रेणियों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं। चार सांसदों का चयन लोकसभा से और चार का चयन राज्यसभा से किया जाता है।

उसमें बताया गया है कि जूरी बोर्ड में पवार के अलावा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आज़ाद, सुरेश प्रभु, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन, राज्यसभा के पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण, ‘दि प्रिंट’ के संस्थापक संपादक शेखर गुप्ता, ‘टीवी9 भारत वर्ष’ के समाचार निदेशक हेमंत शर्मा और ‘लोकमत’ संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष एवं राज्यसभा के पूर्व सदस्य विजय दर्डा शामिल थे।

विज्ञप्ति के मुताबिक, एंटनी और महताब को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार की श्रेणी में चुना गया है, जबकि ओब्रायन और ओवैसी को वर्ष का सर्वश्रेष्ठ सांसद चुना गया है।विज्ञप्ति में बताया गया है कि चव्हाण और चटर्जी को सर्वश्रेष्ठ महिला सांसद तथा राज्यसभा सदस्य मनोज झा और सूर्या का चयन सर्वश्रेष्ठ नवोदित सांसद की श्रेणी में किया गया है।

हर साल आठ सांसदों को मिलता है संसदीय पुरस्कार:विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रतिष्ठित लोकमत संसदीय पुरस्कार हर साल आठ सांसदों को अलग-अलग श्रेणियों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं. चार सांसदों का चयन लोकसभा से और चार का चयन राज्यसभा से किया जाता है.

जूरी बोर्ड में ये लोग थे शामिल: जूरी बोर्ड में पवार के अलावा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, सुरेश प्रभु, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन, राज्यसभा के पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण, ‘दि प्रिंट’ के संस्थापक संपादक शेखर गुप्ता, ‘टीवी9 भारत वर्ष’ के समाचार निदेशक हेमंत शर्मा और ‘लोकमत’ संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष एवं राज्यसभा के पूर्व सदस्य विजय दर्डा शामिल थे.

 

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