अब समीर वानखेड़े तब रविंद्र पाटिल था हाथ डालने की कीमत इस तरह वसूलते हैं खान

आर्यन खान तो जेल से बाहर आ गए हैं. उन्हें तीन दिन की सुनवाई के बाद 28 अक्टूबर को जमानत मिल गई थी. मगर अब केस ने पूरा मोड़ ही अलग ले लिया है. दरअसल, आर्यन के खिलाफ कारवाई करने वाले एनसीबी के डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने भी अब अंतरिम राहते के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है.

गौरतलब है कि आर्यन की गिरफ्तारी के बाद से ही वानखेड़े पर कई आरोप लगाए जा रहे हैं. यहां तक समीर को सच्चा इंसान जानने वाले ये तक नहीं जानते हैं कि उन्होंने दो शादियां की हैं. फिल्हाल अब उनके धर्म को लेकर भी काफी विवाद चल रहा है.

मगर इस पोस्ट में हम ये बता रहे हैं आपको कि बॉलीवुड से पंगा लेने वाले आधिकारियों को अक्सर ये सब झेलना पड़ता ही है.ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है आप कॉन्स्टेबल रविंद्र पाटिल को ही याद कर लीजिए.

दरअसल, एक्टर सलमान खान के खिलाफ इन्होंने ही गवाही दी थी. मगर गवाही देने के बाद से ही रविंद्र की जिंदगी पूरी बर्बाद ही हो गई. बाद में उनकी गुमनामी में मौत भी हो गई.गौरतलब है कि एक जमाने में रविंद्र सलमान के बॉडीगार्ड हुआ करते थे.

हिट एंड रन केस में उन्होंने सलमान के खिलाफ गवाही दे दी थी जिसके बाद उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा था. साल 2007 में उनकी टीबी के चलते मौत हो गई थी. रविंद्र पहले इंसान थे जिन्होंने सलमान के खिलाफ गवाही दी थी.

रविंद्र पाटिल ने 1997 में मुंबई पुलिस के कॉन्सटेबल पद को संभाला था. इसके बाद उन्हें एलिट कंमाडो स्कवॉड के लिए चुन लिया गया था. उन्हें सलमान खान की सुरक्षा में भी लगाया गया था.

इसी वक्त में उन्हें 2002 के दौरान हिट एंड रन मामले में पाया गया था. रविंद्र पाटिल ने ही बयान दिया था कि उन्होंने सलमान को गाड़ी चलाते हुए देखा था जब एक्सीडेंट हुआ था तो. उस वक्त सलमान ने काफी पी भी रखी थी.

रविंद्र ने कहा कि उन्होंने सलमान को समझाया भी था कि गाड़ी धीरे चलाओ मगर उन्होंने नहीं मानी उनकी बात.सलमान के खिलाफ बयान देने के लिए उनके परिवार को भी धमकाया गया. साथ ही उन्हें लालच भी दी गई मगर रविंद्र आखिरी तक अपने बयान पर टीके रहे.

रविंद्र को साल 2006 में नौकरी से निकाल दिया गया. उनकी गिरफ्तारी भी कर ली गई थी. एक साल के भीतर ही उन्हें सेवरी के पास सड़कों पर पाया गया. उनका पूरा का पूरा शरीर कंकाल जैसा हो गया था. उनके दोस्त उनको पहचान तक नहीं पा रहे थे.

अस्पताल में भर्ती होने के कुछ दिन बाद ही उनकी मौत हो गई थी. उनकी उम्र 30 साल भी नहीं थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें दो साल से टीबी था और घरवालों ने उन्हें निकाल दिया था. उनकी हालत ऐसी कर दी गई थी.

कि उन्हें भीख मांगना पड़ा था. साथ ही मरने से पहले उन्होंने बताया था कि मैं मरते दम तक अपने बयान पर अड़ा रहा. मगर मेरा विभाग ही मेरे साथ नहीं खड़ा हुआ. मुझे मेरी जॉब वापिस चाहिए.

आपको बता दें कि हिट एंड रन केस में अब सलमान खान को हाई कोर्ट द्वारा बरी कर दिया गया है. यह घटना साल 2002 की है. जब सलमान की लैंड क्रूजर अमेरिकन एक्सप्रेस बेकरी में जा घसी थी. इस दौरान फुटपाथ पर सो रहे थे नरुल्ला शरीफ नाम के शख्स की मौत हो गई थी. जबकि उसके साथ चार साथी घायल हो गए थे.

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