एक पैर पर 1KM तक कूद – कूद कर स्कूल जाती है ये मासूम, सोनू सूद मदद को आए आगे, कहा- अब दोनों पैरों पर कूदकर स्कूल जाएगी!

मन में लगन अगर सच्ची हो तो पहाड़ में रास्ता नहीं रोक सकते! एक लाल बहादुर शास्त्री थे जो मुश्किलों के बावजूद लंबी दूरी तय कर बचपन में स्कूल जाया करते थे और आज एक है बिहार की बेटी सीमा जो दिव्यांग है, पास एक ही पैर है और अपने इसी एक पैर से 1KM तक कूद कूद कर स्कूल जाती है ताकि वो पढ़ सके।

1 किलोमीटर तक पैदल चलकर जाती है स्कूल: सीमा हर दिन 1 किलो मीटर पगडंडी रास्ते पर अपने एक पैर से चलकर स्कूल जाती है। सीमा बताती है कि वह पढ़ लिखकर टीचर बनाना चाहती है। टीचर बनकर के घर के और आसपास के लोगों को पढ़ाना चाहती है। बिहार राज्य की जमुई की सीमा के हौसले बुलंद हैं, बड़ी होकर पढ़ लिखकर टीचर बनना चाहती है। एक पैर नहीं है तो क्या हुआ हौसले बुलंद है रोज स्कूल जाती है और मन लगाकर पढ़ाई करती है ताकि बड़ी होकर टीचर बन सके और जरूरतमंदों को पढ़ा सके।

सीमा खैरा प्रखंड के फतेपुर गांव में रहती है। उनसे पिता का नाम खिरन मांझी है। सीमा की उम्र 10 साल है। 2 साल पहले एक हादसे में उसे एक पैर गंवाना पड़ा था। इस हादसे ने उसके पैर छीने, लेकिन हौसला नहीं। आज अपने गांव में लड़कियों के शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रति एक मिसाल कायम कर रही है। वह अपने एक पैर से चलकर खुद स्कूल पहुंचती है और आगे चलकर शिक्षक बनकर लोगों को शिक्षित करना चाहती है।

जमुई की सीमा की मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद भी आगे आए हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि ‘अब यह अपने एक नहीं दोनों पैरों पर कूद कर स्कूल जाएगी। टिकट भेज रहा हूं, चलिए दोनों पैरों पर चलने का समय आ गया।’ चौथी क्लास में पढ़ने वाली सीमा एक पैर से दिव्यांग है और वो रोज स्‍कूल एक पैर पर उछल-उछलकर जाती है। 500 मीटर तक पगडंडियों पर एक पांव से स्कूल जाते उसका वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमला बुधवार की सुबह उसके घर पहुंचा था।

चौथी क्लास में पढ़ने वाली दिव्यांग छात्रा सीमा के हौसले बुलंद है। उसका कहना है कि वह पढ़ना चाहती है और टीचर बनना चाहती है। सीमा यह कहते हुए थोड़ी भावुक हो जाती है कि पापा बाहर काम करते हैं, मम्मी ईंट भट्टे में काम करती है। दोनों पढ़े लिखे नहीं हैं।

जमुई के डीएम अवनीश कुमार सिंह उसके घर पहुंच गए। जिला शिक्षा पदाधिकारी भी डीएम के साथ थे। डीएम ने सीमा को ट्राईसाइकिल दिया और कृत्रिम पैर के लिए सीमा के पैर का नाप लिया गया। इससे पहले बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने ट्वीट कर लिखा कि अब सीमा चलेगी भी और पढ़ेगी भी।

पिता बिहार से बाहर करते हैं मजदूरी:सीमा के पिता बिहार से बाहर रहकर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। सीमा की मां बेबी देवी बताती हैं कि 6 बच्चों में सीमा दूसरे नंबर पर है। उसका एक पैर सड़क दु”र्घ”टना में क”टा”ना पड़ा था।

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