क्या BCCI के दबाव में कोहली ने छोड़ी थी टी-20 की कप्तानी दादा ने बताया पूरा सच देखें

बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि इस विश्व कप के बाद टी-20 कप्तानी छोड़ने का फैसला विराट कोहली का था और बोर्ड ने उन पर कोई दबाव नहीं डाला। गांगुली ने ‘आज तक ’ से कहा, ‘मैं इससे हैरान था। उसने शायद इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला के बाद यह फैसला लिया। यह उसका फैसला था।

हमने न तो उससे बात की और न ही उस पर दबाव डाला। हम किसी पर दबाव नहीं डालते। मैं भी खिलाड़ी रहा हूं और ऐसी बात कभी नहीं करूंगा।2017 का चैंपियस ट्रॉफी फाइनल, 2019 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021 का फाइनल ये तीन बड़े मौके थे.

जब टीम इंडिया ने विराट कोहली की कप्तानी में आईसीसी के टूर्नामेंट्स गंवाए। इस लिहाज से यह यूएई-ओमान में जारी वर्ल्ड टी-20 का सातवां संस्करण कोहली के कप्तानी करियर का मील का पत्थर साबित हो सकता है। टीम भी अपने टी-20 कप्तान को जीत से विदाई देना चाहेगी।.

2003 वर्ल्ड कप में भारत को फाइनल तक पहुंचाने वाले सौरव गांगुली ने कहा, ‘अब बहुत क्रिकेट खेला जाता है और इतने लंबे समय तक तीनों प्रारूपों में कप्तानी आसान नहीं। मैं भी पांच साल कप्तान रहा हूं। कप्तानी के साथ काफी शोहरत और सम्मान मिलता है.

लेकिन खिलाड़ी भी मानसिक और शारीरिक रूप से थकते हैं। यह बात गांगुली, धोनी या विराट की नहीं है। भविष्य के कप्तानों को भी दबाव महसूस होगा। यह आसान काम नहीं है।

कोहली ने 2013 के आईपीएल सीजन में बैंगलोर की कप्तानी संभाली थी। उनसे पहले डेनियल विटोरी इस भूमिका को निभा रहे थे। इस बीच बैंगलोर की टीम चार बार प्लेऑफ में पहुंची है व साल 2016 में उसने फाइनल तक का सफर तय किया।

32 साल के कोहली ने साफ कर दिया है कि वह इस सीजन के बाद बैंगलोर की कप्तानी छोड़ देंगे। इस बीच कोहली की कोशिश होगी कि वह अपनी टीम का खिताबी सूखा खत्म करें और उसे पहली बार चैंपियन बनाएं।

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