फिल्म रिलीज होते ही कश्मीरी पंडितों पर कहर बरपाने वाले यासीन मलिक पर गिरी गाज, आरोप हुआ तय

The Kashmir Files’ रिलीज होने के बाद कश्मीरी पंडितों के पलायन का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। 90 के दशक में हुए पलायन पर बनी इस फिल्म की काफी चर्चा हो रही है। कश्मीरी पंडितों के पलायन को लेकर जम्मू-कश्मीर के डीजीपी से सवाल किया गया था। एक चैनल से बातचीत में डीजीपी दिलबाग सिंह ने दो टूक कहा, किसी भी आ,तंकी को नहीं छोड़ा जाएगा।

The Kashmir Files’ रिलीज होने के बाद से बिट्टा और मलिक चर्चा में हैं। डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि हम आ,तंकी मामलों की जांच कर रहे हैं यदि कोई भी दोषी होगा तो उसके खिलाफ जरूर जांच की जाएगी। बता दें, बिट्टा कराटे और यासीन मलिक अलगाववादी नेता हैं और दोनों के खिलाफ कई संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं।

अलगाव,वादी नेता है यासीन मलिक: यासीन मलिक एक अलगाववादी नेता है. वह जम्मू- कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) से जुड़ा है. वह अभी जेल में बंद है. यासीन मलिक पर 25 जनवरी 1990 में भारतीय वायु,से,ना कर्मियों पर आ,तं,की हमले में शामिल होने का आरोप है.

इसमें वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना सहित चार वायु,से,ना कर्मियों की मौ,त हो गई थी. यासीन पर पाकिस्‍तानी आतंकियों के साथ संबंध रखने के आरोप लगते रहे हैं. 1990 में हिंदुओं का क,त्,ले,आम कर उन्हें कश्मीर से बेदखल करने के आंदोलन में यासीन जैसे नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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